कर प्राधिकरण के पूर्व वरिष्ठ लोक कर्मचारियों सहित 11 संदिग्धों से रिश्वत लेने और देने के गंभीर अपराधों के संदेह में पूछताछ की गई — इन अपराधों का दायरा 80 मिलियन एनआईएस से अधिक है।
लहाव 433 की राष्ट्रीय धोखाधड़ी जांच इकाई (याहा) ने कर निर्धारण अधिकारी (जांच केंद्र) के सहयोग से हाल ही में एक जटिल जांच पूरी की, जिसके तहत कर प्राधिकरण के पूर्व वरिष्ठ लोक कर्मचारियों सहित 11 संदिग्धों के खिलाफ रिश्वत लेने और देने, धोखाधड़ी एवं विश्वासघात तथा मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर अपराध करने के संदेह की जांच की गई।
याहा द्वारा संचालित गुप्त और प्रत्यक्ष जांच के तहत ऐसे निष्कर्ष सामने आए और साक्ष्य आधार तैयार हुआ कि उप कर निर्धारण अधिकारी और कर प्राधिकरण के एक पूर्व वरिष्ठ समन्वयक ने करदाताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले एक सीए (अकाउंटेंट) से कई वर्षों तक रिश्वत ली, और साथ मिलकर अधिकारियों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी की, जिसके तहत राज्य के खजाने से कपटपूर्वक 80 मिलियन एनआईएस से अधिक की धनराशि निकाली गई।
जांच की फाइल, जिसकी शुरुआत से ही कर एवं आर्थिक अभियोजन द्वारा निगरानी की जा रही थी, आज अभियोजन के अवलोकन और निर्णय के लिए भेज दी गई तथा इसमें जांच इकाई की सिफारिशें शामिल हैं।



